तेहरान। 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह 9/11 की बरसी का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ एक “लापरवाह और गैर-कानूनी युद्ध” की पृष्ठभूमि तैयार करने के लिए कर रहा है।
बघाई ने अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के स्मृति समारोह में दिए बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए आतंकवाद की परिभाषा तय करने के अमेरिकी दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी सैन्य कार्रवाइयों और नीतियों पर भी सवाल उठाना चाहिए।
9/11 में ईरान की भूमिका से इनकार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए बघाई ने कहा कि 2001 के 9/11 हमलों में ईरान की कोई भूमिका नहीं थी और किसी भी हमलावर की ईरानी नागरिकता नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी नैरेटिव पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हमलों में शामिल तत्वों को अतीत में अमेरिका ने ही हथियार, संगठन और संरक्षण दिया था।
ईरानी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ऐतिहासिक घटनाओं को राजनीतिक तरीके से पेश करना अमेरिकी प्रशासन की मंशा को दर्शाता है।
अमेरिकी विदेश नीति पर भी निशाना
बघाई ने अमेरिका की विदेश नीति को “दोहरे मानदंडों” वाली बताते हुए कहा कि वॉशिंगटन दूसरे संप्रभु देशों में सैन्य कार्रवाई करता है, लक्षित हत्याओं को अंजाम देता है और नागरिकों की जान जाती है। इसके बावजूद अमेरिका खुद को आतंकवाद की परिभाषा तय करने वाला वैश्विक प्राधिकारी मानता है।
ईरान ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी एक देश को अंतिम निर्णायक मानना स्वीकार्य नहीं है।