भोपाल। मध्यप्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन में कमी के बीच कई इलाकों में आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अघोषित बिजली कटौती को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी सरकार को पत्र लिखकर कटौती बंद करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। इस बीच प्रदेश सरकार ने अगले सप्ताह से बिजली संकट में राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
अगले सप्ताह 3 से 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के अनुसार, मध्यप्रदेश को अगले सप्ताह तक 3,000 से 4,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो सकती है। इससे प्रदेश में बिजली की मौजूदा कमी दूर करने में मदद मिलने की संभावना है।
हालांकि, अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उपभोक्ताओं को कटौती से कितनी राहत मिलती है।
पिछले साल के मुकाबले 5 हजार मेगावाट बढ़ी मांग
सरकार के मुताबिक, प्रदेश में बिजली की मांग पिछले साल की तुलना में करीब 5,000 मेगावाट बढ़ गई है। मांग में अचानक हुई वृद्धि ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है।
इसके अलावा कम बारिश, ताप विद्युत इकाइयों में तकनीकी खराबी और देशभर में बिजली की कमी को भी मौजूदा संकट की वजह बताया जा रहा है।
बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन, ग्रामीण क्षेत्रों में भी परेशानी
बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से कई स्थानों पर लोग विरोध दर्ज करा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी अघोषित कटौती रोकने और ग्रामीण इलाकों में नियमित बिजली देने की मांग उठाई है।
अब लोगों की नजर सरकार की ओर से बताई गई अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता पर है। यदि अगले सप्ताह तक अपेक्षित बिजली मिल जाती है, तो प्रदेश में आपूर्ति की स्थिति सुधरने और कटौती में कमी आने की उम्मीद है।