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Kuno National Park: कूनो में अब तक 28 चीतों की मौत, इस साल 7 ने गंवाई जान; मादा चीता आशा के शावक की मौत

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मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत का सिलसिला जारी है। अक्टूबर 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट के बाद से अब तक 28 चीतों की मौत हो चुकी है। इनमें वयस्क चीते और भारत में जन्मे शावक दोनों शामिल हैं। इस साल 12 अक्टूबर तक सात चीतों की मौत दर्ज की गई है।

ताजा मामला नामीबियाई मादा चीता आशा के आठ महीने के शावक की मौत का है। फिलहाल शावक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह का पता चल सकेगा।

2026 में अब तक सात चीतों की मौत

उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में 12 अक्टूबर तक कूनो में दो वयस्क चीतों और पांच शावकों की मौत हुई है। इससे इस साल मृत चीतों की कुल संख्या सात हो गई है।

साल-दर-साल कितने चीतों की मौत हुई?

चीता पुनर्स्थापना परियोजना शुरू होने के बाद से दर्ज मौतों का सालवार विवरण इस प्रकार है:

  • 2023: 6 वयस्क चीते और 3 शावक, कुल 9 मौतें।
  • 2024: 2 वयस्क चीते और 4 शावक, कुल 6 मौतें।
  • 2025: 1 वयस्क चीता और 5 शावक, कुल 6 मौतें।
  • 2026 (12 अक्टूबर तक): 2 वयस्क चीते और 5 शावक, कुल 7 मौतें।

इन आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 11 वयस्क चीते और 17 शावकों की मौत हो चुकी है।

आशा के शावक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं

नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा के आठ महीने के शावक की मौत ने एक बार फिर परियोजना में चीतों के संरक्षण को लेकर ध्यान खींचा है। हालांकि, मौत के कारण को लेकर अभी कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

चीता पुनर्स्थापना परियोजना पर नजर

भारत में चीतों को फिर से बसाने के उद्देश्य से अक्टूबर 2022 में कूनो नेशनल पार्क में यह परियोजना शुरू की गई थी। इसके तहत विदेश से चीते लाए गए और बाद में यहां शावकों का जन्म भी हुआ।

अब तक दर्ज 28 मौतों में वयस्क चीतों के साथ भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। ताजा मामले में जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष आने के बाद ही मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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