पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। चड्ढा ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव और चुनावी प्रक्रिया के नियमों से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर राघव चड्ढा ने उठाए सवाल
राघव चड्ढा के मुताबिक, मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम के सामने उन्हें ‘शिफ्टेड’ यानी दूसरी जगह चले गए मतदाता के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है।
सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी साझा करते हुए मतदाता सूची में उनका नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया।
अंतिम सूची जारी होने से पहले दावा-आपत्ति का मौका
राघव चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं, बल्कि ड्राफ्ट है। ऐसे में मतदाताओं को ‘क्लेम एंड ऑब्जेक्शन’ यानी दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है।
इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण से जुड़ी गलतियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जा सकता है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में प्रकाशित किए जाने की बात कही गई है।
अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव का लगाया आरोप
राघव चड्ढा ने इसे केवल तकनीकी या क्लेरिकल गलती मानने से इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े जमीनी स्तर के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव हो सकता है।
सांसद ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का जिक्र किया।
चड्ढा का दावा है कि इन अधिकारियों पर राज्य सरकार के स्तर से दबाव बनाया जा सकता है, क्योंकि चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां पूरी होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों के स्थानांतरण और अन्य सेवा संबंधी फैसलों में राज्य सरकार की भूमिका रहती है।
हालांकि, राघव चड्ढा द्वारा लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोपों पर संबंधित प्रशासन या निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ड्राफ्ट सूची में नाम हटाए जाने के मामले में अंतिम स्थिति दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद स्पष्ट होगी।