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ओडिशा में उर्वरक की कालाबाजारी पर शिकंजा, 11,684 दुकानों पर छापेमारी

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ओडिशा सरकार ने खरीफ 2026-27 सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राज्यभर में अब तक 11,684 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर सैकड़ों डीलरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

राज्य सरकार ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने उर्वरकों की कालाबाजारी और हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की रणनीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उनके पास कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्रालय का भी प्रभार है।

अधिकारियों के मुताबिक कालाबाजारी, जमाखोरी और घटिया उर्वरकों की आपूर्ति जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रवर्तन दस्ते बनाए गए हैं। राजस्व, कृषि और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए निरीक्षण टीमें और फ्लाइंग स्क्वॉड भी गठित किए गए हैं।

आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव के निर्देश पर राज्य के अलग-अलग जिलों में थोक और खुदरा उर्वरक दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

2,774 को कारण बताओ नोटिस

राज्य सरकार के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 11,684 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान 2,774 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

वहीं, 321 डीलरों की उर्वरक बिक्री अस्थायी रूप से निलंबित की गई है। इसके अलावा अनियमित गतिविधियों में शामिल पाए गए 170 डीलरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 96 डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

12 डीलरों से उर्वरक का स्टॉक जब्त

अधिकारियों ने बताया कि 12 दोषी डीलरों के पास से उर्वरक का स्टॉक जब्त किया गया है। इनमें से सात डीलरों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं।

पिछले साल भी हुई थी कार्रवाई

ओडिशा सरकार ने पिछले खरीफ सीजन 2025-26 में भी उर्वरक की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान राज्य में 9,017 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की गई थी।

इस दौरान 2,373 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, जबकि 48 डीलरों की उर्वरक बिक्री रोक दी गई थी। वहीं, 53 डीलरों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए थे।

इसके अलावा गंभीर अनियमितताओं के मामलों में 15 डीलरों के पास से उर्वरक का स्टॉक जब्त किया गया था और नौ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी।

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