मध्यप्रदेश के बालाघाट में राहुल गांधी के दौरे के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के दौरे के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी नहीं रही, जबकि प्रशासन को कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा में मामला उठाने और राष्ट्रपति तथा केंद्रीय गृहमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की बात कही है।
पटवारी ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन का लगाया आरोप
जीतू पटवारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी बालाघाट के जगला गांव में उन आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिनके बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील दौरे के दौरान जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी।
पटवारी के मुताबिक, उन्होंने मुख्य सचिव से बात करने के साथ ही अधिकारियों को राहुल गांधी के दौरे की जानकारी दी थी। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद कलेक्टर और एसपी मौके पर नहीं पहुंचे। पार्टी ने इस मामले में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने पर भी विचार करने की बात कही है।
हालांकि, पुलिस की ओर से सामने आए एक पत्र में दावा किया गया था कि कार्यक्रम की जानकारी तो विभिन्न माध्यमों से मिली थी, लेकिन आयोजकों की ओर से कार्यक्रम, रूट और अन्य जरूरी विवरण लिखित रूप में पर्याप्त समय पहले उपलब्ध नहीं कराए गए थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए इन जानकारियों की मांग की थी।
आदिवासी क्षेत्रों की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
पटवारी ने बालाघाट में बच्चों की मौत के मामलों को लेकर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद आदिवासी बच्चों को पर्याप्त स्वास्थ्य और शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने आदिवासी विकास योजनाओं के लिए जारी बजट के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और सरकार से खर्च तथा योजनाओं के क्रियान्वयन पर जवाब मांगा।
राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
राहुल गांधी ने बालाघाट के जगला गांव पहुंचकर प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। दौरे के दौरान उन्होंने बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को संसद में उठाने की बात भी कही।