मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले शिवम यादव पढ़ाई में काफी मेधावी थे। परिवार के मुताबिक, उन्होंने हर कक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया। वर्ष 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा में शिवम ने 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद 2018 में 12वीं में भी उनके 90 प्रतिशत अंक आए।
शिवम ने वर्ष 2021 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया था और बीएड की पढ़ाई भी पूरी की थी। पढ़ाई के साथ उनका लक्ष्य सरकारी नौकरी हासिल करना था और इसके लिए वह लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
12वें राउंड से पहले गश खाकर गिरे
शिवम होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान उन्होंने 11 राउंड पूरे कर लिए थे और 12वां राउंड भी पूरा होने वाला था। इसी दौरान वह अचानक गश खाकर गिर पड़े।
बताया गया है कि शिवम काफी समय से दौड़ की तैयारी कर रहे थे। वह नियमित रूप से सुबह अभ्यास के लिए निकलते थे। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें सरकारी नौकरी मिल जाएगी।
कई सरकारी भर्तियों में कर चुके थे प्रयास
परिवार के मुताबिक, शिवम ने दरोगा और सिपाही भर्ती समेत कई सरकारी नौकरियों के लिए प्रयास किया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने रेलवे लोको पायलट की परीक्षा भी पास कर ली थी, हालांकि उसका अंतिम चरण अभी बाकी था।
शिवम बरेली बार के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद यादव के दूसरे बेटे थे। परिवार के अनुसार, सरकारी नौकरी हासिल करना उनका सपना था और वह लंबे समय से इसके लिए मेहनत कर रहे थे।