Bengaluru Crime News: कर्ज की रकम और ब्याज की वसूली को लेकर बेंगलुरु से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्ज की रकम नहीं चुकाने पर एक महिला को कथित तौर पर अगवा कर बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
पुलिस के सामने दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो बनाया और पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
मामले में तीन लोगों के शामिल होने का आरोप है, जिनमें दो महिलाएं बताई जा रही हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मां ने दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता की मां ने चंद्रालेआउट पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान महिला से जुड़े कर्ज और आरोपियों के संबंध में जानकारी सामने आई।
करीब डेढ़ लाख रुपये का था कर्ज
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, महिला ने लगभग दो साल पहले आरोपी रेशमा बानू से करीब 1 लाख रुपये उधार लिए थे।
इसके बाद महिला ने कथित तौर पर रेशमा के जरिए नाजत नाम की आरोपी से करीब 50 हजार रुपये और उधार लिए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कर्ज की रकम और ब्याज को लेकर विवाद किस तरह बढ़ा और कथित तौर पर महिला को बंधक बनाने की घटना कैसे हुई।
वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला को कथित तौर पर निर्वस्त्र किया गया और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद पैसे नहीं चुकाने पर वीडियो को वायरल करने की धमकी दी गई।
अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला सिर्फ कर्ज वसूली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें महिला के खिलाफ गंभीर आपराधिक कृत्यों के आरोप भी बन सकते हैं।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, आरोपियों से जुड़े तथ्यों और कथित वीडियो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला को कहां और कितने समय तक कथित तौर पर बंधक रखा गया था तथा इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
कर्ज वसूली के नाम पर अपराध बर्दाश्त नहीं
कर्ज की रकम की वसूली के लिए किसी व्यक्ति को धमकाना, हिंसा करना या उसकी गरिमा को नुकसान पहुंचाना कानूनन गंभीर मामला हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर अनौपचारिक और अवैध कर्ज वसूली के तरीकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।