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इटली में 2,500 साल पुराने कुएं से मिले नर-मादा के कंकाल, कांस्य मूर्तियों ने बढ़ाई रहस्य की परतें

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यूरोपीय देश इटली में पुरातत्वविदों को करीब 2,500 वर्ष पुराने एक प्राचीन कुएं की खुदाई के दौरान एक पुरुष और एक महिला के कंकाल मिले हैं। इस खोज के साथ दुर्लभ कांस्य मूर्तियां और एक कांस्य प्लेट भी बरामद हुई है। माना जा रहा है कि यह खोज प्राचीन एट्रस्कन सभ्यता के धार्मिक अनुष्ठानों और मान्यताओं को समझने में अहम भूमिका निभा सकती है।

देवी यूनी के मंदिर के पास मिला कुआं

यह प्राचीन कुआं इटली के बोलोन्या शहर के बाहरी इलाके में मिला है। पुरातत्वविदों के मुताबिक, करीब पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व इस क्षेत्र में एट्रस्कन लोगों ने ‘काइनुआ’ नामक शहर बसाया था। कुआं देवी यूनी के धार्मिक स्थल के पास स्थित था। देवी यूनी को प्राचीन रोम की देवी जूनो के समकक्ष माना जाता है।

कुएं का धार्मिक स्थल के पास होना इस संभावना को मजबूत करता है कि इसका इस्तेमाल केवल पानी जमा करने के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक पूजा और विशेष अनुष्ठानों के लिए भी किया जाता था।

कांस्य की दुर्लभ मूर्तियां भी मिलीं

खुदाई के दौरान तांबे और टिन से तैयार कांस्य की महिला आकृतियां और एक महत्वपूर्ण कांस्य प्लेट बरामद हुई है। इन मूर्तियों पर बारीक नक्काशी और वस्त्रों की विस्तृत आकृतियां दिखाई देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये मूर्तियां उच्च वर्ग की महिलाओं या किसी देवी का प्रतीक हो सकती हैं।

एट्रस्कन संस्कृति में कांस्य निर्माण और धातु कला का विशेष महत्व था। मिली कुछ मूर्तियों के जानबूझकर तोड़े जाने के संकेत भी मिले हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार, यह संभवतः धार्मिक परंपरा के तहत देवताओं को वस्तुएं अर्पित करने से जुड़ा हो सकता है।

दो कंकाल बने सबसे बड़ा रहस्य

कुएं से मिले पुरुष और महिला के कंकाल इस खोज का सबसे रहस्यमय हिस्सा हैं। शुरुआती जांच में फिलहाल मानव बलि दिए जाने के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि धार्मिक स्थल या कुएं के निर्माण के दौरान कांस्य वस्तुओं को अनुष्ठान के तौर पर अर्पित किया गया होगा। इसके बाद किसी अंतिम धार्मिक अनुष्ठान के दौरान इन शवों को कुएं में रखा गया हो सकता है।

अब वैज्ञानिक दोनों कंकालों की विस्तृत फोरेंसिक जांच कर रहे हैं। इस जांच से उनकी उम्र, जीवनशैली, मृत्यु का कारण और यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उन्हें कुएं में किस परिस्थिति में रखा गया था। आने वाले वैज्ञानिक परिणाम इस प्राचीन एट्रस्कन धार्मिक स्थल के रहस्य पर और रोशनी डाल सकते हैं।

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