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भारत में Lockdown के चलते, क्या होनी चाहिए हमारी जिम्मेदारी

विचार

जैसा की हम सब जानते हैं, कोरोना वायरस की वजह से पुरे भारत में Lockdown हो चूका हैं. भारत में लोग अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं. बहुत कम लोग ऐसे मिलते हैं, जो देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं. भारत में इस वक़्त बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा हैं. ऐसे में सरकार का जो कर्तव्य हैं, वो उसे निभा रही हैं.

लेकिन जब बात 135 करोड़ की आबादी की हो तो सरकार हर एक व्यक्ति तक सुविधा नहीं पहुंचा सकती. ऐसे में नागरिकों का क्या कर्तव्य होना चाहिए? भारतीय संविधान आपके अधिकारों की बात करता हैं, न की आपके कर्तव्यों की. ऐसे में इसकी कोई ठोस वजह या कानून नहीं हैं की, आप अपने कर्तव्यों का पालन करें ही करें.

फिर भी क्योंकि हम इंसान हैं और इंसानियत के नाते ही हमारे कुछ कर्तव्य भी हैं. तो चलिए जानते हैं की, भारत में Lockdown के बाद आप इंसानियत के नाते ऐसा क्या कर सकते हैं. जिसका फल शायद आपको धरती पर भले ही न मिले लेकिन भगवान् के घर जरूर मिलेगा.

अगर आपके आस-पास कोई सुबह कमाकर रात को को खाने वाला ऐसा गरीब इंसान हैं, जिस तक सरकार नहीं पहुँच पा रही. इसके इलावा कोई ऐसा इंसान जो सड़कों पर सोता हो. ऐसे में उसका किसी कारण से राशन कार्ड नहीं बना या फिर बैंक अकाउंट नहीं खुला या फिर सिलेंडर नहीं मिला तो आपको इंसानियत के नाते, उसे दो वक़्त की रोटी दे देनी चाहिए. अगर आप यह भी नहीं कर सकते तो अपने इलाके के पार्षद या फिर पुलिस को फ़ोन करके सरकारी खाने की व्यवस्था उसके लिए करवा सकते हैं.

अगर आपने किरायेदार रखे हुए हैं और आपका आमदनी का स्त्रोत किराए के इलावा और भी है तो आपको एक से दो महीने का किराया माफ़ कर दें. अगर यह भी नहीं कर सकते तो इस एक से दो महीने के किराए की छोटी-छोटी किश्तें बना दें, जिससे वो आराम से आपको अगले कुछ महीने में चूका दे.

अगर आपका कारोबार अच्छा हैं और आपके पास कोई ऐसा इंसान काम कर रहा हैं. जिसका परिवार उसी पर निर्भर हो तो आप उसकी तनख्वा न काटें. अगर कारोबार अच्छा नहीं हैं तो आप उसे एडवांस के तौर पर महीने का कुछ खर्च दे दें. जिसे वो बाद में अपनी तनख्वा से कटवा दे.

इस तरह से आप समाज में इंसानियत के नाते अपना कुछ योगदान देकर अपने कर्तव्य का पालन कर सकते हैं. आखिर में अगर आपके आस-पास गली-मोहल्ले में कोई जानवर हैं तो उसे खाना खिलाते रहें. कई जानवर गली में मजूद खाने-पीने की छोटी दुकानों या रेहड़ी से बचे हुए खाने से अपनी भूख मिटा लेते थे. अब क्योंकि वो भी बंद हैं तो आप उनके लिए अगर हो सके तो कुछ खाना का इंतजाम कर सकते हैं.

भारत में Lockdown के दौरान कोरोना को लेकर किसी भी तरह की जानकारी पाने के लिए WHO की वेबसाइट को देखें. सोशल मीडिया पर मजूद अफवाहों से जितना हो सके उतना बचें और फैलाने की कोशिश ही न करें, पुलिस आप पर कार्यवाही भी कर सकती हैं. डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा को न खाएं. अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें, घर में रहें-सुरक्षित रहें.

पुलिस और डॉक्टर ही हैं जो इस वक़्त आपके और कोरोना के बीच में दीवार बनकर खड़े हैं. अपनी जान की बाज़ी लगाकर वह आपकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे काम पर लगे हुए हैं. ऐसे में बहुत से भी बहुत ज्यादा जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकले.

भारत में Lockdown के दौरान जो लोग जानें-अनजाने में Fake News फैला रहें हैं, उन्हें WHO की Website के बारे में बताएं और Fake News न फैलाने की सलाह दें. फिर भी आपकी बात न माने तो पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज़ करें.

इस तरह से अगर कोई अतिरिक्त सुझाव आपके पास हैं तो आप कमेंट कर सकते हैं.

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3 thoughts on “भारत में Lockdown के चलते, क्या होनी चाहिए हमारी जिम्मेदारी

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