shiva-lingam-found-in-ancient-sculptures-excavated-1

रामजन्म भूमि के निर्माण कार्य के दौरान मिले राम मंदिर की खंडित मूर्तियां

धर्म

जैसा की आपको पता है सुप्रीम कोर्ट में केस जितने के बाद भारत सरकार ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर के निर्माण कार्य का सारा भार ट्रस्ट को सौंप दिया था और अब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो चूका हैं. राम मंदिर के निर्माण कार्य के दौरान सबसे पहले राम मंदिर की भूमि को समतल किया जा रहा है और मजबूत ढांचे की नींव के लिए कुछ जगहों पर खुदाई की जा रही हैं.

इसी खुदाई के दौरान रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा हैं की हमें मंदिर के अभूतपूर्व अवशेष मिले हैं. यह अभूतपूर्व अवशेष टूटी हुई मूर्ति युक्त पाषाण के खंभे, प्राचीन कुआं, मंदिर के चौखट, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, आमलक व दोरजाम्ब कलाकृतियां आदि हैं. यही नहीं खुदाई के दौरान मेहराब के पत्थर, सात ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ व छह रेड सैंड स्टोन से बने स्तम्भ के साथ साथ एक पांच फिट आकार की नक्काशीयुक्त शिवलिंग की प्रतिमा भी प्राप्त हुई हैं.

इससे पहले की लॉकडाउन को लेकर राम मंदिर कार्य को लेकर कोई विवाद हो हम आपको बता दें की राम मंदिर का निर्माण लॉकडाउन के सभी नियमों के साथ पालन करते हुए किया जा रहा हैं. मजबूत ढांचे की नीवं के लिए खुदाई और जमीन को समतल बनाने के लिए JCB का इस्तेमाल किया जा रहा हैं. इस राम मंदिर कार्य को लेकर जिलाधिकारी अनुज कुमार झा भी पूरी निगरानी रख रहें हैं और उनकी अनुमति से ही लॉकडाउन के बीच राम मंदिर निर्माण कार्य चल रहा हैं. हालाँकि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ब्यान देते हुए कहा है की, लॉकडाउन और सोशल डिस्टैन्सिंग के चलते राम मंदिर का निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहा हैं.

चंपत राय ने अपने ब्यान में कहा हैं की, “समतलीकरण के काम में अभी 10 मजदूर कार्य कर रहे हैं. महामारी के निमित सभी सुरक्षा निर्देशों का समुचित पालन किया जा रहा है. मास्क, सैनिटाइज़ेशन सहित सभी आवश्यक प्रावधानों का समुचित पालन किया जा रहा है.” निर्माण कार्य के दौरान मिले अवशेषों को लेकर ब्यानबाजी भी तेज़ हो गयी हैं, हिंदूसभा के वकील विष्णु जैन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा हैं की, “सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान हम पर मुस्लिम पक्ष ने हिंदू तालिबान का आरोप लगाया था और कहा था कि वहां पर मंदिर के कोई अवशेष नहीं है. पुरातात्विक मूर्तियां का मिलना यह उन आरोपों का जवाब है, जो हम सुप्रीम कोर्ट में बहस करते चले आ रहे थे.”

हिंदूमहासभा के ब्यान के बाद बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी मीडिया को ब्यान दिया हैं की, “अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, ऐसे में अब कुछ बयान नहीं देना चाहते हैं. सत्तर साल तक केस चला है और फैसला आ चुका है, हमारी ओर से केस खत्म हो गया है. मूर्तियों को लेकर उन्होंने कहा कि वहां पर जो भी मिला है, उसका सम्मान होना चाहिए.”

आपको बता दें की फिलहाल राम मंदिर निर्माण के कार्य में जुटे ट्रस्ट का एक दफ्तर नई दिल्ली में मजूद हैं और आने वाले कुछ समय के बाद इसका एक ऑफिस अयोध्या में खोला जाएगा. अयोध्या में मजूद दफ्तर फिर राम मंदिर का पूरा कामगाज़ देखेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अयोध्या में परिसर के पास ही यह ऑफिस बनकर तैयार हो चूका हैं और सामान भी लगभग पहुँच चूका है. जल्द ही यह ऑफिस से कामगाज़ शुरू कर दिया जाएगा. आपको बता दें की श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में कुल 15 सदस्य हैं और मंदिर के निर्माण कार्य को लेकर कई बैठकें भी हो चुकी हैं. रामलला के नाम से एक बैंक अकाउंट भी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में खुलवा दिया गया हैं. इसी बैंक खाते में मंदिर से जुड़ा सारा कोष जाया करेगा और भक्त भी इस खाते में सीधा दान दे सकेंगे.

Spread the love
  • 1K
    Shares
  • 1K
    Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *