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कांग्रेस में नहीं हैं बोलने की आज़ादी, अदिति सिंह पार्टी से निलंबित

खबरों का विश्लेषण

रायबरेली सदर क्षेत्र की युवा विधायक अदिति सिंह अक्सर अपनी पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाती हुई नज़र आती रही हैं. बात करें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की तो उनके कामों की सराहना तो कई बार विपक्ष भी करता नज़र आया हैं.

अक्सर ऐसा देखा जाता हैं की किसी पार्टी का बड़ा नेता कोई ऐसा ब्यान या फिर कोई ऐसा काम कर देता है की पार्टी का विधायक फिर लोगों के सवालों का शिकार बन जाता हैं. बड़ा नेता तो एक संसदीय क्षेत्र को छोड़कर कहीं दूसरे संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ लेता हैं लेकिन पार्टी का विधायक अपने क्षेत्र से बाहर जाकर चुनाव नहीं लड़ पाता. जब चुनावों का समय आता है तो अक्सर बड़े नेताओं की ब्यानबाज़ी और गलत कामों की वजह से विधायक को अपनी सीट गंवानी पड़ती हैं.

कुछ दिन पहले प्रियंका वाड्रा ने कामगारों के लिए 1000 बसें चलाने की योगी सरकार से अनुमति मांगी और दावा किया गया की योगी सरकार ने अनुमति नहीं दी. उसके बाद योगी सरकार की तरफ से साफ़ हो गया की हमने अनुमति दे दी है और आप हमें उन बसों और ड्राइवरों की डिटेल भेजें. अब आनन-फानन में प्रियंका गाँधी ने स्कूटर, ऑटो, खराब बसों आदि के नंबर दे दिए. उसके बाद यह तो साफ़ हो गया की प्रियंका गाँधी के पास 1000 बसें थी ही नहीं वह बस अपनी राजनीती चमकाना चाहती थी.

लेकिन कामगारों के साथ हुए इस घिनौने मज़ाक को लेकर रायबरेली सदर क्षेत्र की युवा विधायक अदिति सिंह ब्यान दिया की, “संकट के समय निम्न स्तर की राजनीति की क्या आवश्यकता थी.” बस फिर क्या था गाँधी परिवार के सदस्य के प्रति हुई इस आलोचना को कांग्रेस कैसे बर्दाश्त करती. उन्होंने कुछ ही देर में अदिति सिंह पर अनुशासनहीन का आरोप लगा कर उसे पार्टी से निलंबित कर दिया.

कांग्रेस पार्टी की तरफ से आधिकारिक ब्यान देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और रायबरेली प्रभारी के एल शर्मा ने कहा की, “पिछले वर्ष पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए विधानसभा में उनके खिलाफ एक नोटिस दिया गया था जो लंबित है. विधायक अदिति सिंह ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है. लॉकडाउन के चलते सभी कार्रवाई लंबित हैं. वह जवाब देने से बच रही हैं. पार्टी ने उनके विधायक पद से अयोग्य घोषित करने का भी अनुरोध किया है.”

बोलने की आज़ादी की आड़ में कई कांग्रेस विधायक ब्राह्मण, हिन्दू, देवी देवता, मंदिर, भारत माता और बीजेपी के कई नेताओं के खिलाफ अपशब्द कहते हुए नज़र आते हैं. लेकिन जब बात गाँधी परिवार के सदस्य के किसी गलत फैसले या फिर ब्यान के खिलाफ कोई बोल दे तो इसे कानूनन अपराध मान लिया जाता हैं. जैसे की अगर कोई पत्रकार सोनिया गाँधी का मायके वाला नाम पुकार दे तो उसके ऊपर हमला करवा दिया जाता है और तो और उसके खिलाफ एफआईआर करवा दी जाती हैं. सिर्फ मायके वाला नाम लेने भर से और अगर कोई विधायक गाँधी परिवार के किसी सदस्य की गलत नीति या ब्यान पर आपत्ति जताता है तो उसे पलभर में ही पार्टी से निलंबित कर दिया जाता हैं.

अदिति सिंह कांग्रेस के ही विधायक स्वर्गीय अखिलेश सिंह की बेटी हैं और पहली बार वह 2017 में विधायक चुनी गयी थी. चुनावों के दौरान उनकी शादी की खबर राहुल गाँधी के साथ भी उडी थी, जो की बाद में अफवाह ही साबित हुई और पिछले साल उनका विवाह पंजाब से कांग्रेस के विधायक अंगद सैनी से हो गया था. योगी सरकार ने उन्हें वाइ श्रेणी की सुरक्षा दी हुई हैं. कांग्रेस का दावा हैं की अदिति सिंह योगी सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं और एक अफवाह यह भी हैं की 2024 के चुनाव में बीजेपी सोनिया गाँधी के गढ़ रायबरेली में अदिति सिंह के चेहरे के साथ सेंध लगाने वाली हैं. हालाँकि यह सिर्फ एक अफवाह हैं, इसको लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हैं.

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