वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को उत्साहजनक बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। खास तौर पर विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में दर्ज हुई तेज वृद्धि देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है।
वैश्विक स्तर पर भारत के आर्थिक प्रदर्शन की चर्चा
एक वीडियो संदेश में वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना स्थित ऐशविले में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले देशों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
सीतारमण ने अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई वृद्धि को भी रेखांकित किया। उनके अनुसार, पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि वित्तीय और पेशेवर सेवाओं में 12.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।
विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के पार
वित्त मंत्री ने भारत की मजबूत वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब अमेरिकी डॉलर से ऊपर बना हुआ है। यह स्थिति बाहरी आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की वित्तीय मजबूती को दर्शाती है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। यह भारतीय रिजर्व बैंक के पहले लगाए गए 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक है।
वास्तविक और नॉमिनल GDP में भी मजबूत बढ़ोतरी
पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी 81.36 लाख करोड़ रुपये आंकी गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी।
वहीं, नॉमिनल जीडीपी 10.3 प्रतिशत बढ़कर 88.27 लाख करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी अवधि में नॉमिनल जीडीपी करीब 80 लाख करोड़ रुपये थी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को आगे की आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति करोड़ों भारतीयों की मेहनत और सरकार द्वारा किए जा रहे नीतिगत सुधारों का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में भारत की तेज प्रगति का उल्लेख किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वैश्विक चुनौतियों, सप्लाई चेन में व्यवधान और अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों के बीच देश की मजबूत विकास दर के लिए नागरिकों को बधाई दी थी।